मेरे अग्रज श्री श्री गोपाल जी (मेरे ताऊजी के मध्यम पुत्र) की पत्नी श्रीमती विमला देवी जी अपने पति के देहावसान के पश्चात बहुत वर्षों तक अपने छोटे बाल बच्चो के लालन पालन में अपने दुःख भरे गहरे घावों को भूलती सी धीरे धीरे ईश्वर भक्ति की भावधारा में आत्मविस्मृतKnow More

लेखक: विद्यानन्द गुप्ता (अधिवक्ता) लाखेरी (अरनेठा) जिला बूंदी राजस्थान. भारतीय समाज में आरंभ से पुत्र संतति की महत्ता को माना गया, पुत्र के अभाव में जीवन अपूर्ण माना जाता रहा है और पुत्र के बिना भवमुक्ति नहीं हो सकती। यही कारण रहे कि समाज मे पुत्र की महत्ता पुत्री कीKnow More

जैसलमेर, हवेलियों का शहर “जैसलमेर” को कहते है. जैसलमेर में पीली रंग की बड़ी बड़ी हवेलियां हैं इसलिए जैसलमेर को ‘हवेलियों का शहर/नगर’ कहते हैं. जब इन हवेलियों पर सूर्य की किरणें पड़ती है तब सूर्य की किरणों के प्रकाश से पूरा जैसलमेर सोने की तरह चमक उठता है इसलिएKnow More

जैसलमेर, जैसलमेर को राजस्थान की ” स्वर्ण नगरी (Golden City)” के नाम से पुकारा जाता है. जैसलमेर की स्थापना सन 1156 में भाटी राजा जैसल ने की थी और राजा जैसल 12 साल तक यहां शासन किया, राजा जैसल के नाम पर इस शहर का नाम जैसलमेर हो गया। पीलेKnow More